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अलीबाबा

एल्बम वर्ग: हिन्दी, फ़िल्म
वर्ष: १९४०
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
लेबल: एचएमवी रेकॉर्ड्ज़
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
फ़िल्म क्रेडिट: निर्देशक: महबूब - II. अभिनेता: सुरेन्द्र, सरदार अख्तर, गुलाम मोहम्मद, वहीदन, शेट्टी - I, जगदीश कूपल, इशरत जान, अमीरजान, मोहन अमृतसरी. प्रोडक्शन कं.: सागर मूवीटोन. ,
 



गाने


 
क्या जश्न का सामान है
 
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
ये भेजा है हमने पयाम-ए-मोहब्बत
 
गायक: अनिल बिस्वास
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तेज़ करो तलवार जवानों
 
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
सोज़-ए-फ़ुरक़त है यही दर्द उल्फ़त है यही
 
गायक: सुरेन्द्र
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
दिल छीन के जाता है ऐ मस्त नज़र वाले
गायक: सुरेन्द्र, वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
तेरी इन आँखों ने किया बीमार हाय
गायक: सुरेन्द्र, वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
शुक्र है तुम मिले बाग़ उम्मीद में दिल के
 
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
क्यों प्यार किया था दिल ले के लिया क्या
 
गायक: वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
भूल गए क्यों भूल गए फूलों का खिलना
 
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
हाँ दिल का साज़ बजाए जा
गायक: सुरेन्द्र, वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली: फ़िल्मी
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
जिसे ज़िन्दगी वबाल जाँ उसे क्यों न जिनसे आर हो
 
गायक: वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली:
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 
हम और तुम और ये खुशी
गायक: सुरेन्द्र, वहीदन बाई
संगीतकार: अनिल बिस्वास
गीतकार: आह सीतापुरी
शैली: फ़िल्मी, क्लासिक पॉप
सम्पूर्ण रेटिंग:
मेरी रेटिंग:
 

पुरस्कार


 
  • पुरस्कारों की जानकारी उपलब्ध नहीं है

सामान्य ज्ञान


 

    एल्बम

  • १९४० में निर्मित यह फ़िल्म सागर मूवीटोन के लिए महबूब खान द्वारा निर्देशित आखरी फ़िल्म थी. इस फ़िल्म के बाद उन्होंने नैशनल स्टूडियोज़ के लिए कुछ फ़िल्में बनाईं और १९४३ में उन्होंने महबूब प्रोडक्शंस नामक प्रोडक्शन कम्पनी की स्थापना की.
  • १९४० में बनी यह फ़िल्म १९२९ में कृत "अलीबाबा और चालीस चोर" की रीमेक थी. इस फ़िल्म के निर्देशक महबूब खान ने फ़िल्मों में शुरुआत "अलीबाबा और चालीस चोर" में एक चोर के रोल से किया था, हालाँकि पूरे फ़िल्म में वो एक मर्तबान में छिपे रहे. उनके पहले फ़िल्म को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महबूब खान ने इस फ़िल्म का पहले शॉट इम्पीरियल स्टूडियोज़ में लिए जहाँ "अलीबाबा और चालीस चोर" बनी थी.[1]
  • Director Mehboob Khan and lead actress Sardar Akhtar got married during the making of this 1940 film.



सन्दर्भ


 

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